सामाजिक जागरुकता कार्यक्रम

सामाजिक जागरुकता कार्यक्रम

    • लोक नाटय प्रदर्षन: सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से कानून का व्यावहारिक ज्ञान प्रदर्शन करने के लिए निगम द्वारा जागरूकता अभियान चलाये जा रहे हैं। नुक्कड़ नाटकों के जरिये सक्षम वातावरण के निर्माण के उद्देष्य से राज्य के सभी जिलों में दहेज उत्पीड़न, ट्रैफिकिंग, बाल-विवाह, कार्यस्थल पर यौन-उत्पीड़न, भ्रूण हत्या, कानूनी साक्षरता, आर्थिक स्वावलम्बन के मुद्दों पर लोक कलाओं की प्रस्तुति की जा रही है। साथ ही समुदाय और अन्य हितभागियों के साथ सीधे संवाद स्थापित कर उन्हें महिलाओं के प्रति व्यवहार परिर्वतन हेतु प्रेरित किया जा रहा है।
    • उपलब्धि & वर्ष 2010-11 में महिला विकास निगम ने बाल विवाह निषेध और बाल विवाह प्रतिषेध कानून 2006 के प्रति जागरुकता बढ़ाने के उद्देष्य से नवादा, गया एवं वैषाली के चिन्हित प्रखण्डों में लोक नाटय प्रदर्षनों का अभियान संचालित किया गया।
    • 8 मार्च 2011 अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला विकास निगम द्वारा आच्छादित जिलों में महिला विषय पर नुक्कड़ नाटक का प्रस्तुतीकरण किया गया।
    • विशेष समुदाय समूह सांस्कृतिक जथ्था: समाज के विशेष समुदाय वर्ग यथा भिखारी, नट, विपरीत परिस्थितियों में रह रहे समुदाय विशेष का लोक कलाओं और प्रदर्शनकारी विधाओं में क्षमता विकास कर उनका सांस्कृतिक दल तैयार करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। समुदाय संवर्ग की पहचान कर उनके बीच की प्रदर्शनकारी सांस्कृतिक प्रतिभाओं में व्यावासयिक गुणवत्ता का विकास किया जाना है, ताकि उनकी कला आजीविका का एक माध्यम बन सके और विकास की मुख्यधारा में उन्हें शामिल कराया जा सके।

उपलब्धि: 

    • खगड़िया जिला में अल्पसंख्यक समुदाय के फकीर समूहों के युवाओं को एवं पूर्वी चम्पारण जिला के थारु जनजाति समुदाय के कलाकारों को जेंडर एवं महिला संवेदी मुद्दो पर चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है। ये कलाकारा समुदाय के बीच दहेज उत्पीड़न, बाल विवाह, घरेलु हिंसा और बालिकाओं के साथ होने वाले भेदभाव पर अपने समुदाय में सघन अभियान चलायेंगे। अभियान के दौरान नाटकों, गीतों आदि की प्रस्तुति की जायेगी।
    • महिलाओं के कानूनी अधिकारों एवं संवैधानिक प्रावधानों का प्रकाषन एवं प्रचार प्रसार: योजना के तहत् महिलाओं के विकास एवं सषक्तीकरण के मुद्दे पर पोस्टर, पुस्तिकाओं, फिल्प चार्ट एवं विज्ञापन प्रकाशित किये जाते हैं और जन समुदाय को विभिन्न जनसंचार के माध्यमों यथा रेडियो जिंगल, टेलीविजन विज्ञापन, वृतचित्र निर्माण एवं प्रदर्षन के माध्यम से जागरुक किया जा रहा है।
    • योजना के तहत् विभिन्न सामाजिक मुद्दों, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सरकार की योजनाओं से संबंधित फिल्प चार्ट का विकास किया गया है; जोकि स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों के बीच आपसी बातचीत करने एवं जानकारी बढ़ाने के लिए प्रारंभ सूत्र के रुप में कार्य करता है।
      • इसी तरह से घरेलु हिंसा एवं दहेज प्रतिषेध पर भी फिल्प चार्ट का विकास हुआ है तथा वितरण किया जा रहा है।
      • आम समुदाय के बीच जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से निगम द्वारा त्रैमासिक पत्रिका ‘भारती की चिठ्ठी’ का प्रकाशन किया जा रहा है।
      • घरेलु हिंसा, बाल विवाह, महिलाओं के कानूनी हक और स्वास्थ्य के मुद्दे पर पुस्तिकायें प्रकाशित की गई हैं।
      • बाल विवाह एवं शिक्षा के अधिकार विषय पर पोस्टर का प्रकाशन निगम द्वारा किया गया है। इस विषय अग्रतर पहल लेते हुए निगम ने टिन शीट पर बाल विवाह, दहेज प्रतिषेध, कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न एवं लैंगिक विभेद पर पोस्टर प्रकाशित किये जा रहे हैं; जो हेल्पलाईन एवं अल्पावास गृहों, पंचायत भवनों, महाविद्यालय प्रागंणों में शीघ्र ही लगाये जायेंगे।
      • बाल विवाह, दहेज प्रतिषेध, घरेलु हिंसा एवं लैंगिक विभेद पर रेडियों जिंगल का प्रसारण आकाषवाणी एवं रेडियो मिर्ची पर किये जाने का अनुरोध सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से किया जा रहा है।
      • बाल विवाह, दहेज प्रतिषेध एवं घरेलु हिंसा प्रतिषेध कानून पर टी.वी. विज्ञापन तैयार किये गये हैं और विभिन्न टी.वी. चैनलों पर प्रसारण किये जाने का अनुरोध सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से किया जा रहा है।
      • मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के कार्यक्रमों एवं उपलब्धियों को रेखांकित करने के उद्देश्य से वृतचित्र श्रृखंला ‘बिहार की नारियां’ का प्रसारण ‘बिहार वीडियो डायरी’ के तर्ज पर दूरदर्शन पर प्रसारित किये जाने का अनुरोध सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से किया गया है।
      • महिलाओं एवं हेल्पलाईन प्रबधंकों के प्रशिक्षण के लिए एनीमेषन पद्धति में प्रशिक्षण माडयुल विकसित किया गया है।
    • सामाजिक पुनर्वास कोष: अनैतिक मानव पणन कानून 1956 के तहत पीड़ित महिलाओं एवं उनके बच्चों का के त्वरित पुनर्वास (चिकित्सकीय, शैक्षणिक, आर्थिक एवं समाजिक) आवश्यकताओं को पूरा करने अस्तित्व कार्य योजना के तहत् आर्थिक सहायता प्रदान की जानी है, जिन्हें कठिन परिस्थितियों में संरक्षण एवं सुरक्षा की अत्यंत आवश्यकता है।

      उपलब्धि: योजना के तहत वर्ष 2009-10 में दिनांक 25 मार्च 2010 को राज्य से सभी 38 जिलों में गठित एण्टी ह्युमन ट्रैफिकिंग कमिटी को रुपये 95,10,000.00 मात्र प्रेषित किये गये हैं। बक्सर, समस्तीपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, वैषाली, पटना, भोजपुर, सारण, पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण, मुजफ्फरपुर एवं सीवान जिले को प्रति जिला 2.85 लाख रुपये की दर से तथा शेष 22 जिला को (अरवल को छोड़कर) 2.25 लाख रुपया प्रति जिला की दर से राशि उपलब्ध करा दिये गये हैं। संबंधित जिलों में गठित जिला अनैतिक पणन निरोधक समिति को निगम द्वारा अनुमोदित मार्गदर्शिका उपलब्ध करा दी गई है। प्राप्त आंकडों के अनुसार लाभार्थियों की संख्या निम्नवत है:

जिला का नाम

लाभार्थियों की संख्या

कुल राशि (रू0 में)

मधेपुरा

25

100000.00

किशनगंज

39

123000.00

नवादा

26

86000.00

वैशाली

41

246000.00

अरवल

12

60000.00

जहानाबाद

10

40000.00

  • रक्षा गृह: पटना जिले में पचास बिस्तर वाले एक रक्षा गृह की स्थापना प्रक्रियाधीन है; निविदा प्रक्रिया के तहत 29 गैर सरकारी संस्थानों से निविदा प्राप्त हुये है। इस क्षेत्र में आगे की कारवाई नहीं की गई है; इस कार्यक्रम के बजट संशोधन हेतु प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है।
  • कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास: बिहार के प्रमंडल मुख्यालयों तथा पटना, गया, भागलपुर, दरभंगा, और मुजफ्फपुर में 50 बेड वाले छात्रावास के लिए प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। 05 गैर सरकारी संगठनों का चयन किया जा चुका है। इस क्षेत्र में आगे की प्रक्रिया लंबित है; कामकाजी महिलाओं के लिये छात्रावास स्था